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मेरी निगाहों में किन गुनाहों के निशां खोजते हो - Attitude Shayari


मेरी निगाहों में
किन गुनाहों के निशां खोजते हो,
अरे मैं इतना भी बुरा नहीं 
जितना तुम सोचते हो!


 

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