Subscribe Us

हद हमारी गुस्ताखियों की - Gustakhiyan Shayari : Janab, Had, Aaina, Aasma

जनाब मत पूछिए
हद हमारी गुस्ताखियों की
हम आईना ज़मीं पर रखकर
आसमां कुचल दिया करते हैं

हद हमारी गुस्ताखियों की - Gustakhiyan Shayari : Janab, Had, Aaina, Aasma