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महफिल शायरी । Mehfil Shayari : Bidh, Sach

महफिल शायरी । Mehfil Shayari : Bidh, Sach
यूँ तो भीड़ काफी हुआ करती थी
महफिल में मेरी,
फिर मैं सच बोलता गया और
लोग उठते रहे ।