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Buland Hosla Suvichar in Hindi - Anmol Vachan - Dr Rahat Indori

कभी महक की तरह हम गुलों से उड़ते हैं
कभी धुएं की तरह पर्वतों से उड़ते हैं
ये केचियाँ हमें उड़ने से खाक रोकेंगी
की हम परों से नहीं हौसलों से उड़ते हैं
- Dr Rahat Indori
Buland Hosla Suvichar in Hindi - Anmol Vachan - Dr Rahat Indori

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