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Ehsaan Shayari - Jitne Ki Jid

Ehsaan Shayari - Jitne Ki Jid
जीतने की जिद नहीं है
ना ही जीने की तमन्ना
लोग जिये हमारे अहसानों पर
उसके लिये चाहे पड़ जाए मरना
Ehsaan Shayari - Jitne Ki Jid